Policy. Philosophy. Life — through the lens of a civil servant.
हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी कि हर ख्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मेरे अरमान, लेकिन फिर भी कम निकले — मिर्ज़ा ग़ालिब पहला मिसरा — "हज़ारों ख...
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